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Shaikh Fariduddin Attar's Photo'

शेख़ फ़रीदुद्दीन अत्तार

1145 - 1220/21 | निशापुर, ईरान

शेख़ फ़रीदुद्दीन अत्तार के परिचय

मूल नाम : अबु हामिद बिन अबु बकर इब्राहीम

जन्म :निशापुर, खोरासान

निधन : खोरासान, ईरान

बकौल मौलाना रूमी - मंसूर हल्लाज को सूली पर चढाने के डेढ़ सौ साल बाद फिर से मंसूर का आध्यात्मिक प्रकाश शेख़ फ़रीदुद्दीन अत्तार के रूप में प्रकाशित हुआ है | अत्तार अपने जीवन के शुरूआती दौर में औषधियां और इत्र बेचा करते थे | एक दिन दुकान पर एक दरवेश की आमद हुई, अत्तार पर उसकी बातों का कुछ ऐसा प्रभाव पड़ा की उसी दिन उन्होंने अपनी दुकान उठा दी और दरवेशी ख़िर्क़ा पहन लिया|  जाते समय इनकी मुलाक़ात मौलाना रूमी से भी हुई थी | अत्तार ने क़रीब 114 किताबें लिखी, जिनमे से क़रीब 30 ही मिल पायी हैं | अपने आज़ाद और खुले विचारों के कारण इन्हें काफ़ी  दिक्कतों का सामना भी करना पड़ा| इनका मकान लूट कर इन्हें बाहर निकाल दिया गया| कुछ किवदंतियों के मुताबिक़ चंगेज़ खान की सेना के हाथों इनकी मृत्यु हुई|

प्रमुख रचनाएं -

१. पंद नामा (ये नाम सही है?)

२. तज़किरात उल औलिया

३. मंतिक उत तैर

४ . क़सीदा

५. मुसीबत नामा

६. बुलबुल नामा

७. शुतुर नामा

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