Font by Mehr Nastaliq Web
Sufinama
Hazrat Sultan Bahu's Photo'

हज़रत सुल्तान बाहू

1631 - 1691

हज़रत सुल्तान बाहू के अशआर

कर इबादत पच्छोतासें उमराँ चार दिहाड़े हू

थी सौदागर कर लै सौदा जाँ तक हट्ट न ताड़े हू

अहफ़ तन मेरा चश्माँ होवे मैं मुर्शिद वीख नून रजाँ हू

लूँ लूँ दे मढ लिख लिख चश्माँ हक्क खोलहाँ हक्क कजाँ हू

Recitation

बोलिए