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शैख़ जलालुद्दीन थानेसरी

1489 - 1582 | थानेसर, भारत

शैख़ जलालुद्दीन थानेसरी के सूफ़ी उद्धरण

आशिक़ों को चाहिए कि वे कश्फ़-ओ-करामत हासिल हो जाने पर बस करें। उन्हें चाहिए कि वे आगे बढ़ें और किसी भी चीज़ में बंध कर रहें।

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