शेख़ सादी के परिचय
पूरा नाम मासनफ़ुद्दीन बिन मसीहुद्दीन अब्दुल्लाह | अपनी रचना बोस्ताँ और गुलिस्तां के लिए प्रसिद्ध| इन्होंने कई देशों का भ्रमण किया जिनमे अरब, उत्तरी अफ्रीका, एशिया माइनर, सीरिया और हिंदुस्तान प्रमुख है| सिंध पहुंचने पर कई आला दर्ज़े के सूफ़ियों से इनकी मुलाक़ात भी हुई| बग़दाद में इनकी मुलाक़ात शेख़ शहाबुद्दीन सुहरावर्दी से हुई| इन्होंने काफ़ी कुछ लिखा मगर इनकी ख्याति गुलिस्तां और बोस्ताँ से अधिक है| गुलिस्तां में इन्होने धार्मिक सिद्धांतों का वर्णन करके अपने अनुभवों को व्यक्त किया है वहीँ बोस्ताँ में सूफ़ीवाद की झलक है | इनकी रचनाओं का अनोखापन उनकी भाषा की सहजता और सरलता है | इन्होने मुख्तलिफ़ विषयों पर कवितायेँ कही| ब्राउन ने इनके विषय में लिखा है - ये असाधारण है कि जहाँ कहीं भी फ़ारसी का अध्ययन किया जाता है, पढ़ने वाले के हाथ में सबसे पहले इनकी किताब ही आती है और यह बात लगभग डेढ़ सौ सालों से चली आ रही है .
प्रमुख रचनायें-
१. गुलिस्तां
२. बोस्ताँ
३.दीवान
४. अख़लाक़ी नासीन