निज़ामी गंजवी के परिचय
असल नाम इलियास अबू मुहम्मद| इनकी ज्यादातर रचनाएं कहानियों के रूप में हैं | फ़िरदौसी की शैली इनकी रचनाओं में बारहा दिख जाती है पर इन्होंने जगह-जगह अपनी काव्य-कला के बेहतरीन नमूने भी पेश किये हैं जो इन्हें फ़िरदौसी से अलग कर के एक बेहतरीन शाईर के रूप में स्थापित करती है| फ़िरदौसी ने जहाँ अपनी शाइरी में प्राचीन वीरों के शौर्य का वर्णन किया है, वहीं इन विषयों की प्रचुरता होने के बावजूद निज़ामी ने ऐसा नहीं किया है| इन्होंने रचनाओं में जो विषय चुने हैं उनका सम्बन्ध स्वयं अपने-आप से है | इनकी रचनाओं में श्रृंगार-रस की प्रचुरता है| इनकी रचनाओं को सूफ़ी रोमांस कहना ग़लत न होगा | रोमांटिक मसनवी लिखने में इनका जवाब नहीं| ईरान और टर्की दोनों में इनकी ख्याति पर ज़रा भी कमी नहीं आई|
प्रमुख रचनायें -
१. मख़ज़नुल असरार
२. ख़ुसरौ शीरीं
३.लैला मजनूं
४.हफ़्त पैकर
५. स्कंदनामा