बुल्ले शाह के परिचय
पंजाब के अग्रणी सूफी संतों में से एक। इनकी रचनाओं में पंजाबी सूफीवाद अपने उरूज़ पर पहुंचा। इनकी कविताओं में सूफीवाद एवं वेदान्त का समावेश मिलता है। मूल नाम अब्दुल्ला था। इनका जन्म लाहौर के कसूर जिले के पंडोक गाँव में हुआ था। प्राथमिक शिक्षा कसूर में ही मौलवी गुलाम मुर्तजा की देखरेख में प्राप्त करने के बाद वह लाहौर गए और शाह इनायत कादरी शत्तारी के मुरीद हो गए। बाद में शाह इनायत ने इन्हें अपना खलीफा नियुक्त किया। इनकी दरगाह कसूर में है जहाँ हर साल उर्स पर मेला लगता है। इनकी काफियाँ, सिहर्फियाँ, दोहरे, छंद, अठवारे और बारहमाहे प्रसिद्ध हैंं।