Font by Mehr Nastaliq Web
Sufinama
noImage

Sant Sundardas Chhote

1596 | Dausa, India

Sant Sundardas Chhote

Pad 5

 

Kavitt 1

 

Saakhi 9

अपणां सारा कछु नहीं, डोरी हरि कै हाथ।

सुन्दर डोलैं बांदरा, बाजीगर कै साथ।।

  • Share this

उहै ब्रह्म गुरु संत उह, बस्तु विराजत येक।

बचन बिलास विभाग श्रम, बन्दन भाव बिबेक।।

  • Share this

तीन गुननि की वृत्ति मंहि, है थिर चंचल अंग।

ज्यौं प्रतिबिबंहि देषिये, हीलत जल के संग।।

  • Share this

पाप पुण्य यह मैं कियौ, स्वर्ग नरक हूँ जाउं।

सुन्दर सब कछु मानिले, ताहीतें मन नांउ।।

  • Share this

सुन्दर बंधै देह सौं, तौ यह देह निषिद्ध

जौ याकी ममता तजै, तौ याही में सिद्धि।।

  • Share this

Savaiya 2

 

Recitation

Speak Now