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Sufinama
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Mustafa Khan Yakrang

Dohe of Mustafa Khan Yakrang

रंग वही यकरंग रंगो, कि सबसे रंगा न जाय।

'यकरंग' तुम वह रंग रंगो, कि हर रंग में मिल जाय।।

संपत तो हम के कटें, विपत कटें ना रोय।

'यकरंग' आसा राखिये, हरि चाहे सो होय।।

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