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Sufinama
Tulsi Saheb Hathras Wale's Photo'

تلسی صاحب یاتھرس والے

1767 - 1847 | بھارت

تلسی صاحب یاتھرس والے

غزل 3

 

پد 46

کنڈلیا 2

 

ریختہ 2

 

ساکھی 5

अली अकास सुरत चली, गली गगन के माहिं

धाइ धमक ऊपर चढ़ी, खड़ी महल मुसकाइ ।।

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आठ पहर रोवत रही, भरि भरि अँखिया नीर

पीर पिया परदेस की, जा से भँवर अधीर ।।

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घट अकास के मध्द में, पंछी परम अकास

समुँद सिखर सूरत चढ़ी, पावे तुलसीदास ।।

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नगर पाँच परपंच में, कस कस रहन हमार

चार चुगल गुगली करें, रहूँ बेचैन मन पार ।।

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लख प्रकास पद तेज को, सैज गवन गति गाइ

पाइ पदम सूरति चली, पिया भवन के माहिं ।।

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منگل 1

 

ہوری 3

 

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